Sunday, June 5, 2011

शांता करम भुजगा शयनं

शांता  करम  भुजगा  शयनं
पद्मनाभं  सुरेशं
विश्वधारम  गगन  सद्र्षम
मेघा  वर्णं  शुभान्गम
लक्ष्मी  कान्तं  कमला  नयनं
योगिभिर  ध्यान  गम्यम
वन्दे  विष्णुम  भाव  भयअ  हरम

सर्व  लोकैअका  नाथं 

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